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मूलांक अनुसार पहनें शुभ रत्न! जानें भाग्यशाली रत्न और उसके फायदे (Numerology & Gemstones in Hindi)

Posted on by Vivek G

क्या आप जानते हैं कि आपकी जन्मतिथि (Date of Birth) में छिपे मूलांक का सीधा कनेक्शन एक ऐसे रत्न (Gemstone) से होता है, जो आपकी किस्मत के दरवाज़े खोल सकता है?

अंक ज्योतिष और रत्न शास्त्र दोनों ही एक-दूसरे के पूरक हैं। जिस तरह आपका मूलांक किसी ख़ास ग्रह से जुड़ा है, उसी तरह हर ग्रह का एक प्रतिनिधि रत्न होता है। इस रत्न में उस ग्रह की ऊर्जा समाहित होती है।

जब आप अपने मूलांक के अनुसार सही रत्न धारण करते हैं, तो यह उस ग्रह की शक्ति को बढ़ाता है और आपके जीवन में सकारात्मकता, स्वास्थ्य और सफलता को आकर्षित करता है।

यह पोस्ट आपको बताएगी कि आपका मूलांक क्या है, उसके स्वामी ग्रह कौन हैं, और आपके लिए सबसे शुभ रत्न कौन सा है।


1. अंक और रत्न का कनेक्शन: यह क्यों काम करता है?

मूलांक (Mulank) आपके स्वभाव और भाग्यांक (Bhagyank) आपकी जीवन दिशा को नियंत्रित करते हैं। इन दोनों के पीछे ग्रहों की ऊर्जा होती है।

  • मूल सिद्धांत: रत्न एक शक्तिशाली ऊर्जा स्रोत होते हैं। जब आप अपने मूलांक के स्वामी ग्रह (Ruling Planet) से जुड़ा रत्न पहनते हैं, तो वह रत्न आपके शरीर में उस ग्रह से आ रही सकारात्मक तरंगों को बढ़ा देता है।
  • कमज़ोरी को ताकत: यदि आपके जीवन में किसी ग्रह का नकारात्मक प्रभाव है (जैसे आत्मविश्वास की कमी या धन की रुकावट), तो रत्न उस ग्रह की कमज़ोरी को दूर करके ताकत प्रदान करता है।

2. मूलांक अनुसार आपका शुभ रत्न (Lucky Gemstone by Mulank)

अपने मूलांक को अपनी जन्म की तारीख (सिर्फ़ तारीख) को जोड़कर निकालें (उदाहरण: $2+9 = 11$, $1+1 = 2$, तो मूलांक 2 हुआ)।

मूलांकस्वामी ग्रह (Ruling Planet)शुभ रत्न (Lucky Gemstone)रत्न का लाभ
1सूर्य (Sun)माणिक्य (Ruby)आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सम्मान और सरकारी कार्यों में सफलता।
2चंद्रमा (Moon)मोती (Pearl)मन की शांति, भावनाओं पर नियंत्रण, एकाग्रता और स्वास्थ्य।
3बृहस्पति (Jupiter)पुखराज (Yellow Sapphire)ज्ञान, धन, विवाह में सफलता, आध्यात्मिक विकास।
4राहु (Rahu)गोमेद (Hessonite) या नीलम (Blue Sapphire)बाधाओं को दूर करना, अचानक लाभ, नई राहें खोलना।
5बुध (Mercury)पन्ना (Emerald)तेज़ बुद्धि, वाणी में सुधार, व्यापार में सफलता, संचार कौशल।
6शुक्र (Venus)हीरा (Diamond) या ओपल (Opal)प्रेम, आकर्षण, सुख-सुविधाएँ, कला और वैवाहिक जीवन में मधुरता।
7केतु (Ketu)लहसुनिया (Cat’s Eye)रहस्यमय ज्ञान, बुरी नज़र से सुरक्षा, एकाग्रता और आध्यात्मिक सफलता।
8शनि (Saturn)नीलम (Blue Sapphire)न्याय, धीरज, करियर में स्थिरता, और मेहनत का पूरा फल।
9मंगल (Mars)मूंगा (Red Coral)साहस, ऊर्जा, स्वास्थ्य में सुधार, ज़मीन-जायदाद से लाभ।

3. रत्न धारण करने के नियम: सही तरीका ही सफलता की कुंजी

रत्न एक शक्तिशाली ऊर्जा होती है। अगर इसे गलत तरीके या बिना सलाह के पहना जाए, तो यह नुकसान भी दे सकता है। रत्न धारण करने से पहले हमेशा किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह लें।

  • सही धातु: हर रत्न को ख़ास धातु (जैसे माणिक्य को सोना, मोती को चाँदी) में ही पहना जाता है।
  • सही उंगली: रत्न को किस उंगली में पहनना है (जैसे पुखराज को तर्जनी में), यह भी सफलता के लिए ज़रूरी है।
  • शुद्धिकरण (Purity): रत्न को पहनने से पहले उसे दूध, गंगाजल और शहद के मिश्रण से शुद्ध करना आवश्यक है।

अपने मूलांक अनुसार शुभ रत्न को पहचानें और उसके सकारात्मक प्रभावों को अपनी ज़िंदगी में महसूस करें। सही रत्न धारण करके आप अपने किस्मत के मार्ग की हर रुकावट को दूर कर सकते हैं!

क्या आप जानते हैं कि आपका मूलांक और भाग्यांक दोनों के लिए कौन-कौन से रत्न शुभ हैं? हमें कमेंट्स में बताएं!

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